Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चिकन खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है? | Pregnancy Me Chicken Kha Sakte Hai
जी हां, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चिकन खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को पोषण की अधिक जरूरत होती है। à¤à¤¸à¥‡ में चिकन के सेवन से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को और गरà¥à¤ में पल रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण को à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मिल सकता है (1)।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में चिकन खाना चाहिठ?
आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक चिकन खा सकते हैं (2)। हालांकि, यह मातà¥à¤°à¤¾ महिला की जरूरत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° थोड़ी-बहà¥à¤¤ बदल सकती है। इसलिà¤, à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¤• बार इस बारे में बात जरूर कर लें। आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वो आपको सटीक मातà¥à¤°à¤¾ बता सकते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चिकन कब खाना चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कई तरह के पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरत होती है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर बात करें चिकन की, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही से चिकन को आहार में शामिल किया जा सकता है (3)। हालांकि, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले तीन माह तक कà¥à¤› महिलाओ को चिकन खाने की अधिक इचà¥à¤›à¤¾ नही होती है। à¤à¤¸à¥‡ में महिला अपनी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° चिकन का सेवन कर सकती है।
चिकन के पोषक ततà¥à¤µ
चिकन में पाठजाने वाले पोषक ततà¥à¤µ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकते हैं। इस पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को यह चारà¥à¤Ÿ के माधà¥à¤¯à¤® से समà¤à¤¾ जा सकता है (4):
पोषक ततà¥à¤µ मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 गà¥à¤°à¤¾à¤®
ऊरà¥à¤œà¤¾ 98 kcal
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ 23.21 g
टोटल लिपिड (फैट) 0.89 g
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ 0.00 g
मिनरल
आयरन 1.29 mg
सोडियम 76 mg
विटामिन
विटामिन-सी 2.1 mg
लिपिड
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² 67 mg
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चिकन खाने के फायदे | Pregnancy Me Chicken Khane Ke Fayde
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से राहत : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठआयरन महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। आयरन की पूरà¥à¤¤à¤¿ कर शरीर में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर किया जा सकता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं में पाया जाता है (5)। चिकन के सेवन से शरीर को काफी हद तक आयरन पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकता है। इससे शिशॠको जनà¥à¤® के समय कम वजन और अनà¥à¤¯ कई जोखिमों से बचाव हो सकता है। इसलिà¤, चिकन को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों के लिठफायदेमंद माना जा सकता है (6)।
नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब डिफेकà¥à¤Ÿ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा : नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब डिफेकà¥à¤Ÿ शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रीढ़ के हडà¥à¤¡à¥€ से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की कमी के कारण हो सकता है (6)। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चिकन के सेवन से फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की जरूरत को पूरा किया जा सकता है (7)। इससे नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब डिफेकà¥à¤Ÿ का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास : गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² और à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ जरूरी होता है (8)। à¤à¤¸à¥‡ में चिकन के सेवन से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मिल सकता है (4)। इससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और गरà¥à¤ में पल रहा शिशॠदोनों ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहेंगे।
ऊरà¥à¤œà¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठ: चिकन में अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के साथ-साथ à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इसके सेवन से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकती है। इस कारण आप थकावट, कमजोरी या ऊरà¥à¤œà¤¾ की कमी के जोखिम से बच सकती हैं (9), (4)।
इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® के लिठ: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चिकन का सेवन करने से रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें विटामिन-सी मौजूद होता है (4)। विटामिन-सी शरीर के इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को मजबूत करने में सहायक होता है (10)। à¤à¤¸à¥‡ में चिकन का सेवन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकता है।
उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª नियंतà¥à¤°à¤£ : उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¥€ चिकन का सेवन किया जा सकता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आप लीन चिकन का सेवन करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ अधिक और फैट कम होता है। यह उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के लिठफायदेमंद साबित हो सकता है (11)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चिकन खाने के जोखिम
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चिकन खाने के फायदे तो हम आपको बता ही चà¥à¤•े हैं। अब आपके लिठयह जानना à¤à¥€ जरूरी है कि कà¥à¤› कारणों से इसे खाने के नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं। उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कà¥à¤› कारणों के बारे में हम आपको नीचे जानकारी दे रहे हैं।
चिकन को अचà¥à¤›à¥€ तरह से नहीं धोने या नहीं पकाने पर उसमें टोकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¤®à¥‹à¤¸à¤¿à¤œ (Toxoplasmosis), सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ (Salmonella) और कैमà¥à¤ªà¤¿à¤²à¥‹à¤¬à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤° (Campylobacter jejuni) नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ रह सकते हैं। इससे कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे – सिरदरà¥à¤¦, दसà¥à¤¤, पेट में दरà¥à¤¦, मतली, बà¥à¤–ार और उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है। इतना ही नहीं यह à¤à¥à¤°à¥‚ण या नवजात शिशॠके लिठजानलेवा à¤à¥€ हो सकता है (12)।
चिकन में लिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मोनोसाइटोजीनस (L. monocytogenes) बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है। इससे गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤, à¤à¥à¤°à¥‚ण की गरà¥à¤ में ही मृतà¥à¤¯à¥, संकà¥à¤°à¤®à¤£ या नवजात को अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती हैं (12)।
जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिकन के सेवन से डायबिटीज, मोटापा, हà¥à¤°à¤¦à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती है (13)।
चिकन खाने से होने वाले जोखिम के बारे में पà¥à¤¾, अब लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सावधानियों के बारे में जानेंगे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चिकन खाने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सावधानियां
चिकन को पकाने से पहले अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोà¤à¤‚।
पकाते वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि वो कचà¥à¤šà¤¾ न रह जाà¤à¥¤
चिकन को पकाने के बाद खà¥à¤²à¤¾ न रखें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चिकन को अधिक तीखा बनाकर न खाà¤à¤‚।
बाहर कहीं होटल या ढाबे में चिकन खाने से बचें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आहार में चिकन को शामिल करने के तरीके
अगर आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय चिकन को अपने आहार में शामिल करना चाहते हैं, तो नीचे बताठजा रहे तरीकों का पालन कर सकते हैं:
चिकन करी बनाकर रोटी या चावल के साथ खा सकते हैं।
आप गà¥à¤°à¤¿à¤²à¥à¤¡ या रोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ चिकन का सेवन कर सकती हैं।
चिकन रोल à¤à¥€ खाया जा सकता है, लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि वो रोल घर में बना हो।
चिकन को कटलेट की तरह à¤à¥€ आहार में शामिल किया जा सकता है।
चिकन सैंडविच à¤à¥€ खाने के लिठउपयोग कर सकते हैं।
चिकन सूप पीने के लिठउपयोग में लाया जा सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |